सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार सुबह एक छोटा चार्टर्ड विमान लैंडिंग से कुछ ही सेकेंड पहले रहस्यमय हालात में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना तेज़ था कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले आसमान आग और धुएं से भर गया।
बताया जा रहा है कि विमान को पहली बार उतरने की अनुमति दी गई थी, लेकिन घने कोहरे और कम विज़िबिलिटी के कारण पायलट रनवे को साफ़ नहीं देख पाए। इसके बाद प्लेन को दोबारा ऊपर ले जाया गया। यहीं से हालात तेजी से बिगड़ने लगे।
सूत्र बताते हैं कि दूसरी लैंडिंग के दौरान विमान रनवे की सीध में तो आ गया था, लेकिन ज़मीन छूने से ठीक पहले उसका संतुलन बिगड़ गया। इसी दौरान कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में महिला कैप्टन की आवाज़ दर्ज हुई
“ओह शिट… ओह शिट…”
चौंकाने वाली बात यह रही कि मेन पायलट की ओर से **कोई मेडे कॉल नहीं किया गया**। एविएशन विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका मतलब है कि हालात अचानक और बेहद तेजी से हाथ से निकल गए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्लेन रनवे से करीब 80–100 मीटर पहले ही हवा में झुक गया। कुछ ही सेकेंड में वह पलटा और ज़मीन से टकराते ही ज़ोरदार धमाका हुआ। इसके बाद आग की ऊंची लपटें उठती दिखीं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि टक्कर के बाद **लगातार कई धमाकों की आवाज़** आई। आग इतनी भीषण थी कि पास पहुंचे लोग मदद की कोशिश भी नहीं कर पाए। पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया।
सूत्रों के अनुसार, दुर्घटना के बाद विमान के टुकड़े आसपास के घरों और खेतों तक जा गिरे। घटनास्थल पर पहुंची आपातकालीन टीमें भी आग के शांत होने तक भीतर नहीं जा सकीं।
अब जांच एजेंसियां इस सवाल का जवाब तलाश रही हैं—
क्या यह तकनीकी खराबी थी?
क्या मौसम ने धोखा दिया?
या कॉकपिट में कुछ ऐसा हुआ, जिसने पायलटों को प्रतिक्रिया का मौका ही नहीं दिया?







