उज्जैन जिले के नागदा स्थित सिविल अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 25 मार्च की दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित कंप्यूटर कक्ष (कमरा नंबर 23) से एक व्यक्ति CPU उठाकर ले जाता हुआ सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ है। बताया जा रहा है कि इस CPU में CM हेल्पलाइन से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा मौजूद था।
सीसीटीवी फुटेज में एक अन्य व्यक्ति भी साथ दिखाई दे रहा है, जिसकी पहचान कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत के पोते मनीष गहलोत के रूप में की जा रही है। हालांकि, कुछ समय बाद वही CPU वापस अस्पताल में रख दिया गया, जिससे मामले ने और अधिक रहस्यमयी रूप ले लिया है।
प्रशासन मौन, पुलिस के पास नहीं पहुंची शिकायत, सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
इस पूरे मामले में अस्पताल प्रशासन ने अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। अस्पताल के बीएमओ का कहना है कि घटना के समय वे छुट्टी पर थे, इसलिए उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वहीं, स्थानीय पुलिस का कहना है कि अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि दिनदहाड़े अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान से डेटा से जुड़ा CPU कैसे बाहर ले जाया गया और फिर बिना किसी कार्रवाई के वापस कैसे रख दिया गया। इस घटना ने न केवल अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था बल्कि संवेदनशील सरकारी डेटा की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।







