पूर्वोत्तर भारत में मानसून ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। असम और अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सबसे ज्यादा असर असम में देखने को मिल रहा है, जहां 96 से अधिक गांव जलमग्न हो चुके हैं। हजारों परिवारों के घरों में पानी घुस गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों तथा राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार, दोनों राज्यों में अब तक 22 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित होकर बेघर हो चुके हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि खेतों में खड़ी फसलें भी पानी में डूबने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। प्रभावित लोगों तक भोजन, पीने का पानी और जरूरी दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं।
उधर, मौसम विभाग ने बताया है कि देश के अधिकांश हिस्सों तक मानसून पहुंच चुका है और अब तक 22 राज्यों को पूरी तरह कवर कर चुका है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। इसके बावजूद पूर्वोत्तर के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं। प्रशासन की कोशिश है कि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। मौसम विभाग की अगली चेतावनी पर भी सभी की नजर बनी हुई है।







