सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र के बलहया गांव में एक महीने के मासूम की मौत के बाद ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने गांव में सनसनी फैला दी। बताया जा रहा है कि मासूम निमोनिया से पीड़ित था और कई दिनों से जिला अस्पताल के आईसीयू में उसका इलाज चल रहा था। परिवार ने उसकी सलामती के लिए गांव के पूर्वजों के मंदिर में स्थापित भगवान बजरंग बली से मन्नत मांगी थी। संकल्प लिया गया था कि बच्चा स्वस्थ होने पर मंदिर में भंडारा, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। पोते की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में चला गया। इसी बीच, बच्चे के दादा रामभुवन द्विवेदी का दुख गुस्से में बदल गया। आरोप है कि उन्होंने मंदिर पहुंचकर भगवान हनुमान की प्रतिमा को तोड़ दिया।
प्रतिमा टूटने की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचे और घटना को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद मामले की सूचना अमिलिया थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि पोते की मौत के गहरे सदमे और मानसिक तनाव में दादा ने यह कदम उठाया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रही है।
यह घटना सिर्फ एक परिवार के दुख की कहानी नहीं, बल्कि यह भी दिखाती है कि गहरे सदमे और भावनात्मक आघात में इंसान कभी-कभी ऐसे फैसले ले बैठता है, जिनके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
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