ग्वालियर में साल 2021 की एक शाम मॉडल प्रज्ञा शुक्ला के लिए ज़िंदगी की दिशा बदल देने वाली साबित हुई। नई सड़क स्थित कायाकल्प ब्यूटी पार्लर एंड मेकअप स्टूडियो में वे सिर्फ वैक्स कराने पहुंची थीं, लेकिन कुछ ही मिनटों में उनका चेहरा तेज जलन और असहनीय दर्द से झुलस उठा।
आरोप है कि पार्लर स्टाफ ने वैक्स में केमिकल की जरूरत से ज्यादा मात्रा मिला दी। हड़बड़ी में केमिकल चेहरे पर फैल गया, जिससे त्वचा बुरी तरह जल गई। दर्द से कराहती प्रज्ञा ने तुरंत पार्लर की प्रोपराइटर सुनीता सोनी से शिकायत की। जवाब में उनके चेहरे पर एक लेप लगाया गया और भरोसा दिलाया गया कि सब ठीक हो जाएगा। लेकिन यह भरोसा जल्द ही एक डरावने सच में बदल गया।
दिन बीतते गए और चेहरे पर घाव व काले धब्बे उभरने लगे। करीब एक साल तक स्किन स्पेशलिस्ट से इलाज चला, लेकिन सुधार नहीं हुआ। आखिरकार डॉक्टरों ने सर्जरी का विकल्प सुझाया। इसी बीच प्रज्ञा के हाथ से एक के बाद एक मॉडलिंग प्रोजेक्ट निकलते चले गए। चेहरा ही पहचान था और वही सबसे बड़ी परेशानी बन गया। करियर संकट में आ गया, जबकि पार्लर ने जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया।
थक-हारकर प्रज्ञा ने 22 सितंबर 2023 को जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 16 दिसंबर 2025 को अंतिम सुनवाई पूरी हुई।
18 जनवरी 2026 को उपभोक्ता फोरम ने फैसला सुनाते हुए ब्यूटी पार्लर की प्रोपराइटर सुनीता सोनी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और 2 हजार रुपये कोर्ट खर्च के रूप में देने के आदेश दिए।
यह फैसला सिर्फ एक जुर्माना नहीं, बल्कि उन तमाम ग्राहकों के लिए चेतावनी है, जो सुंदर दिखने की चाह में अपनी त्वचा और भरोसा दूसरों के हाथ सौंप देते हैं।







