भोपाल में रहवासी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के बाद व्यापारियों का गुस्सा अब सड़क पर दिखाई दे रहा है। मंगलवार को रोशनपुरा चौराहे पर बड़ी संख्या में व्यापारियों ने प्रदर्शन कर सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं और चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो भोपाल बंद और बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
10 नंबर मार्केट व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने सरकार को तीन विकल्प दिए हैं। व्यापारियों की पहली मांग है कि लंबे समय से पेंडिंग मास्टर प्लान को लागू किया जाए। दूसरी मांग गुजरात की तर्ज पर मिक्स लैंड यूज लागू करने की है, ताकि रहवासी क्षेत्रों में नियमों के तहत व्यापारिक गतिविधियां जारी रह सकें। तीसरी मांग नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई तत्काल रोकने की है।
व्यापारियों का कहना है कि अगर इन मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो भोपाल को अनिश्चितकाल के लिए बंद किया जाएगा। इसके साथ ही सड़कें जाम करने और सीएम हाउस का घेराव करने की चेतावनी भी दी गई है।
नगर निगम की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का दावा है कि हजारों दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि साल 2005 से मास्टर प्लान लंबित है। अगर इसे समय पर लागू कर दिया जाता, तो आज व्यापारियों और प्रशासन के बीच यह टकराव नहीं होता।
अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि सरकार लाखों लोगों को बेरोजगारी की तरफ धकेल रही है। उनका सवाल है कि अगर दुकानें बंद हो जाएंगी, तो व्यापारी क्या भीख मांगकर अपने बच्चों का पेट भरेंगे?
व्यापारियों का दावा है कि कार्रवाई जारी रही तो भोपाल का करीब 90 प्रतिशत व्यापार प्रभावित हो सकता है। अब देखना होगा कि सरकार व्यापारियों की चेतावनी के बाद क्या कदम उठाती है और क्या इस विवाद का कोई समाधान बातचीत के जरिए निकल पाता है।







