एक सड़क दुर्घटना में अपनी प्यारी बेटी प्रेरणा
को खोने के बाद मध्य प्रदेश के
पूर्व गृहमंत्री श्री बाला बच्चन ने जो लिखा है।
उसे पढ़ने के बाद मेरी आंखों से तो आंसू निकल गए।
शब्दों की अभिव्यक्ति को आपके
लिए यहां शेयर कर रहा हूं
मेरी बेटी… (जहाँ अब सिर्फ़ तेरी यादें साँस लेती हैं)
बेटी,
तू आई थी तो मेरी दुनिया में पहली बार असली रोशनी आई थी।
तेरी पहली मुस्कान ने मुझे सिखाया था कि खुशी क्या होती है।
तेरी छोटी उंगलियाँ मेरी उंगलियों में फँस जाती थीं, और मैं सोचता था —
ये छोटे हाथ कभी बड़े होकर भी मेरा हाथ नहीं छोड़ेंगे।
पर किस्मत ने कुछ और ही लिखा।
तू चली गई, और मेरे हाथ खाली रह गए।
अब हर कमरे में तेरी हँसी की गूँज है, पर वो गूँज अब सिर्फ़ दर्द बनकर सीने में चुभती है।
तेरी वो नन्ही शरारतें, तेरी वो बातें — “पापा, मैं बड़ी होकर तुम्हारे जैसी बनूँगी” —
सब यादों की तस्वीरें बन गई हैं, जो हर पल आँखों में नम कर देती हैं।
मैंने सोचा था, मैं तुझे दुनिया से बचाऊँगा,
हर तूफान से पहले साया बनकर खड़ा रहूँगा।
पर तूफान ने मुझे ही छोड़ दिया, और तुझे ले गया।
आज मैं बस इतना कहना चाहता हूँ…
तू जहाँ भी है, मेरी दुआएँ तेरे साथ हैं।
अगर भगवान मुझे एक बार फिर मौका दे, तो मैं फिर तुझे बेटी बनाकर माँगूँगा।
क्योंकि तू मेरी सबसे अनमोल, सबसे प्यारी, सबसे अधूरी कहानी थी।
तेरी कमी कभी पूरी नहीं होगी, बेटी।
पर तेरी यादें मुझे जीने की वजह देती हैं।
तू हमेशा मेरे दिल में, मेरी साँसों में, मेरी हर दुआ में रहेगी।
तेरा पापा… हमेशा तेरे लिए अधूरा, हमेशा तुझसे भरा हुआ।💐
………🖋 पिता की कलम से😭







