ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक, होर्मुज स्ट्रेट, से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया है। ईरानी संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी ने इस प्लान को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत जहाजों से ईरान की राष्ट्रीय मुद्रा रियाल में शुल्क वसूला जाएगा।
इस प्रस्ताव में एक और बड़ा प्रावधान शामिल है अमेरिका और इजराइल से जुड़े जहाजों के प्रवेश पर रोक लगाने की योजना। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी कानून नहीं बना है। इसे लागू होने के लिए संसद, गार्जियन काउंसिल और राष्ट्रपति की अंतिम मंजूरी जरूरी होगी।
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल सप्लाई का प्रमुख मार्ग है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल गुजरता है। ऐसे में इस फैसले की आहट से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता बढ़ गई है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो ऊर्जा आपूर्ति, तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।
ईरान-इजराइल तनाव गहराया, युद्ध की अवधि को लेकर अनिश्चितता
इसी बीच, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने हालात को और गंभीर बना दिया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष कब खत्म होगा, यह कहना मुश्किल है। उनके मुताबिक, इस युद्ध का कोई तय समय नहीं है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा यह प्रस्ताव और ईरान-इजराइल के बीच बढ़ता टकराव, दोनों मिलकर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था को नए मोड़ पर ले जा सकते हैं। आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।







