इंदौर के परदेशीपुरा की गली नंबर-3 में मंगलवार सुबह ऐसा मंजर सामने आया जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। एक घर के भीतर ऐसा खौफनाक खेल खत्म हुआ जिसमें पति ने पहले अपनी ही पत्नी की जान ले ली और फिर खुद फांसी के फंदे पर झूल गया। जब दरवाजा खुला तो अंदर का दृश्य देखकर हर किसी की रूह कांप गई।
मृतक की पहचान एकनाथ बाघ के रूप में हुई है, जबकि उसकी पत्नी रोहिणी का शव घर के अंदर संदिग्ध हालत में पड़ा मिला। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। लेकिन सवाल ये है कि क्या हर झगड़े का अंजाम मौत ही होता है? क्या गुस्सा इतना अंधा हो सकता है कि इंसान अपने ही घर को कब्रिस्तान बना दे?
सुबह जब पड़ोसियों को घर से अजीब सी हलचल और शोर सुनाई दिया तो लोगों को अनहोनी का अंदेशा हुआ। सूचना मिलते ही परदेशीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा खुलते ही पुलिस भी कुछ पल के लिए सन्न रह गई एक कमरे में एकनाथ बाघ फंदे पर लटका हुआ था और दूसरे हिस्से में रोहिणी की लाश पड़ी थी। एक घर… दो लाशें… और दीवारों पर पसरा हुआ खामोश खौफ।
गुस्सा, शक या अहंकार आखिर ऐसा क्या था जिसने एक पति को कातिल बना दिया? पुलिस की शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद की बात सामने आ रही है। माना जा रहा है कि किसी बात पर हुए झगड़े के बाद एकनाथ ने आवेश में आकर पहले पत्नी की हत्या की और फिर खुद भी मौत को गले लगा लिया।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घर के हर कोने की जांच की गई, सबूत जुटाए गए और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पड़ोसियों और परिजनों से पूछताछ कर रही है ताकि इस खौफनाक फैसले के पीछे की असली वजह सामने आ सके।
लेकिन इस पूरी घटना ने एक कड़वा सवाल छोड़ दिया है क्या रिश्तों में जहर इतना भर चुका है कि अब झगड़े का अंत सिर्फ मौत से ही होगा? गुस्से के कुछ पल… और दो जिंदगियां खत्म। परदेशीपुरा की यह खामोश गली अब हमेशा इस चीखती सच्चाई की गवाह रहेगी कि जब इंसान अपने होश खो देता है, तो घर भी कत्लगाह बन जाता है।







