भोपाल से आई ये खबर सिर्फ चोरी की नहीं है… ये सीधे-सीधे उस सिस्टम पर तमाचा है, जहाँ अब सोना-चांदी नहीं, गैस सिलेंडर लूटे जा रहे हैं! सोचिए, हालात कितने बदतर हो चुके हैं एक पूर्व जज का घर भी सुरक्षित नहीं… और चोरों का हौसला इतना बुलंद कि एक-दो नहीं, पूरे चार-चार गैस सिलेंडर उठाकर चलते बने! और ये कोई फिल्मी कहानी नहीं… ये सब CCTV में साफ कैद है। चोर आते हैं… आराम से सिलेंडर उठाते हैं… और निकल जाते हैं। न डर, न खौफ, न कानून का लिहाज़। ये सिर्फ चोरी नहीं… ये कानून व्यवस्था को खुली चुनौती है!
लेकिन कहानी में असली तंज तो यहाँ छिपा है चोरों ने जो सिलेंडर उठाए… वो खाली निकले! अब सवाल ये है क्या चोर ज्यादा बदकिस्मत हैं… या वो जनता जो गैस के लिए लाइन में खड़ी है? लोग मज़ाक उड़ा रहे हैं… चटकारे ले रहे हैं… लेकिन सच्चाई कड़वी है आज के हालात में भरा हुआ गैस सिलेंडर मिलना सच में “खजाना” मिलने जैसा हो गया है।
हर बार की तरह इस बार भी पुलिस वही पुराना राग अलाप रही है “CCTV फुटेज मिल गया है… आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।” लेकिन सवाल ये है
आख़िर कब तक “जल्द” का झुनझुना बजता रहेगा? जब चोरों को पता है कि वो कैमरे में कैद हो रहे हैं… फिर भी बेखौफ हैं तो समझ लीजिए, डर किसका खत्म हो चुका है!
ये घटना सिर्फ एक घर की चोरी नहीं है…ये उस व्यवस्था की पोल खोलती है जहाँ गैस की किल्लत है, सुरक्षा की कमी है… और जवाबदेही गायब है। अब देखना ये है पुलिस सच में चोर पकड़ती है… या ये मामला भी बाकी फाइलों की तरह धूल खाता रह जाएगा?







