मध्य प्रदेश की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ ग्वालियर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने भिंड पुलिस अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई यानी 27 जुलाई को जीतू पटवारी की अदालत में हर हाल में पेशी सुनिश्चित की जाए।
पूरा मामला लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दिए गए एक चुनावी भाषण से जुड़ा है। 27 अप्रैल 2024 को भिंड जिले के ऊमरी कस्बे में चुनाव प्रचार के दौरान जीतू पटवारी ने भिंड-दतिया लोकसभा सीट से बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भाजपा से सांठगांठ और कथित लेनदेन के आरोप लगाए थे। शिकायत के अनुसार ये आरोप बिना किसी तथ्य के लगाए गए और भाषण के दौरान आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया गया।
इसके बाद देवाशीष जरारिया की शिकायत पर 4 मई 2024 को उमरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई। अदालत ने इस मामले में जीतू पटवारी को 16 जनवरी 2026 को पेश होने का नोटिस भी जारी किया था, लेकिन वे कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए।
सुनवाई के दौरान जब पुलिस ने अदालत को बताया कि जीतू पटवारी का पता नहीं चल सका, तो कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने सवाल किया कि जब पटवारी लगातार मीडिया, सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों में नजर आ रहे हैं, तो पुलिस उन्हें तलाशने में असफल कैसे हो सकती है?
कोर्ट की इसी सख्त टिप्पणी के बाद गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया और भिंड पुलिस को अगली तारीख पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब सभी की नजर 27 जुलाई की सुनवाई पर रहेगी, जहां यह साफ होगा कि जीतू पटवारी अदालत में पेश होते हैं या फिर इस मामले में कोई नया कानूनी मोड़ सामने आता है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में इस मामले पर सभी राजनीतिक दलों की नजर बनी रहेगी।







