पश्चिम बंगाल की सियासत में मतदान से ठीक पहले हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस का चुनावी कैंपेन संभाल रही फर्म Indian Political Action Committee का कोलकाता के विधाननगर स्थित दफ्तर पिछले दो दिनों से बंद बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कंपनी के एचआर विभाग की ओर से करीब 1300 कर्मचारियों को काम पर न आने का संदेश भेजा गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पहले चरण के मतदान में महज कुछ दिन बचे हैं। 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोटिंग होनी है और 21 अप्रैल को प्रचार थम जाएगा। इसके बाद 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। ऐसे अहम मोड़ पर कैंपेन से जुड़ी इस खबर ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
All India Trinamool Congress के लिए Indian Political Action Committee की भूमिका बेहद अहम मानी जाती रही है। बूथ लेवल रणनीति से लेकर रैलियों और सभाओं की प्लानिंग तक, इस फर्म ने पार्टी के चुनावी ढांचे को मजबूत करने में योगदान दिया है। यहां तक कि कई मौजूदा विधायकों के टिकट काटने का फैसला भी इसके सर्वे के आधार पर लिया गया था।
हालांकि पार्टी इस पूरे मामले को लेकर सतर्क रुख अपना रही है। पार्टी सांसद Derek O’Brien ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि तृणमूल कई एजेंसियों के साथ काम कर रही है और सभी व्यवस्थाएं सामान्य हैं। वहीं पार्टी के अन्य नेताओं का कहना है कि संगठन चार अलग-अलग स्तरों पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं और संगठन के बीच स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जो चुनाव के इस निर्णायक दौर में तृणमूल के लिए चुनौती बन सकती है।







