कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान ने मंगलवार को राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया। चेन्नई में एक सभा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखी टिप्पणी करते हुए ऐसा शब्द इस्तेमाल किया, जिसे लेकर भाजपा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। बयान सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई और भाजपा नेताओं ने खड़गे से तुरंत माफी की मांग की।
भाजपा का कहना है कि इस तरह की भाषा देश के प्रधानमंत्री के लिए अस्वीकार्य है और यह राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है। पार्टी नेताओं ने इसे कांग्रेस की “निराशा” का प्रतीक बताते हुए कहा कि जनता ऐसे बयानों का जवाब चुनाव में देगी।
विवाद बढ़ता देख खड़गे ने कुछ ही देर बाद सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को आतंकवादी नहीं कहा, बल्कि उनका आशय यह था कि मोदी विपक्ष और लोगों को “डराने और धमकाने” की राजनीति कर रहे हैं। खड़गे ने जोर देकर कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब खड़गे अपने बयानों को लेकर चर्चा में आए हों। इससे पहले भी वे प्रधानमंत्री पर तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं, जिन पर बाद में उन्हें सफाई देनी पड़ी थी।
इधर चुनावी माहौल भी चरम पर है। तमिलनाडु विधानसभा की सभी 234 सीटों और पश्चिम बंगाल के पहले चरण की 152 सीटों के लिए प्रचार मंगलवार शाम 5 बजे थम गया। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।







