ग्वालियर के टोपी बाजार इलाके में रहने वाली 70 वर्षीय रिटायर्ड क्लर्क उर्मिला भदौरिया की मौत के बाद एक दर्दनाक घटना सामने आई है। उनके मानसिक रूप से कमजोर बेटे अखंड (40) और बेटी रितु (38) अपनी मां के शव के साथ पांच दिन तक घर में अकेले रहे। परिवार ने यह समझ ही नहीं पाया कि उनकी मां अब नहीं रही।
पड़ोसियों की बदबू से खुला राज, पुलिस ने संवेदनशीलता से उठाया शव
उर्मिला भदौरिया की मौत 14 फरवरी की रात हुई थी। 19 फरवरी को शव सड़ने लगा और बदबू पड़ोसियों को शंका हुई। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद किया। पुलिस ने दोनों की मानसिक स्थिति को देखते हुए शव को यह कहकर अस्पताल ले जाया कि मां बीमार हैं। इस घटना ने इलाके में संवेदनशील मानसिक स्वास्थ्य और बुजुर्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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