मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत उत्साह और उमंग के साथ हो गई है। इंदौर, उज्जैन और भोपाल समेत प्रदेशभर के स्कूलों में पहले दिन विद्यार्थियों का पारंपरिक तिलक लगाकर स्वागत किया गया। स्कूल परिसर बच्चों की चहल-पहल और मुस्कान से जीवंत नजर आए। इस अवसर पर बाल सभाओं का आयोजन किया गया, जहां छात्रों ने गीत, भाषण और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से नए सत्र का स्वागत किया। साथ ही विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया गया, जिससे वे पहले दिन से ही पढ़ाई की ओर अग्रसर हो सकें।
शिक्षा विभाग ने सत्र की शुरुआत को विशेष और प्रेरणादायक बनाने के लिए कई पहल की हैं। स्कूलों में विशेष मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की गई, जिससे बच्चों में उत्साह और बढ़ा। विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हों और विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिल सके।
‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत अधिकारी संभालेंगे कक्षाएं
राज्यभर में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत 4 अप्रैल को एक अनोखी पहल देखने को मिलेगी। इस दिन प्रशासनिक अधिकारी खुद स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को पढ़ाएंगे और उनसे संवाद करेंगे। इंदौर जिले में 162 अधिकारी विभिन्न सरकारी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों के साथ समय बिताएंगे। वहीं, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा प्रताप नगर स्थित आश्रम क्रमांक-2 में छात्रों से सीधा संवाद करेंगे।
राजधानी भोपाल में 102 स्कूलों में 102 अधिकारी बच्चों के साथ चर्चा करेंगे, जिसके लिए कलेक्टर द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं कि अधिकारी निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचकर छात्रों से जुड़ें। इसी तरह उज्जैन में 106 अधिकारी इस पहल का हिस्सा बनेंगे। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को प्रेरित करना, शिक्षा के प्रति उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और प्रशासन व समाज के बीच मजबूत संबंध स्थापित करना है।







