अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। Donald Trump ने ईरान को लेकर तीखी बयानबाजी करते हुए संकेत दिया है कि आने वाले समय में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और तेज हो सकती है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि दुनिया की सबसे ताकतवर अमेरिकी सेना ने अभी तक ईरान के बचे-खुचे इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह निशाना बनाना शुरू भी नहीं किया है।
ट्रम्प ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगला निशाना रणनीतिक रूप से अहम ढांचे—जैसे पुल और बिजली संयंत्र—हो सकते हैं। उनके बयान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इससे क्षेत्रीय संघर्ष के और गहराने की आशंका जताई जा रही है।
हमले पर विवाद, पुल को लेकर आमने-सामने अमेरिका और ईरान
हाल ही में ईरान में एक पुल पर हुए हमले को लेकर दोनों देशों के बीच तीखा विवाद भी सामने आया है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि यह हमला ड्रोन निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की सप्लाई रोकने के लिए किया गया था। उनका कहना है कि यह कदम सैन्य रणनीति का हिस्सा था।
वहीं, Iran ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि जिस पुल को निशाना बनाया गया, वह पूरी तरह नागरिक उपयोग का था। ईरान ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और युद्ध अपराध बताया है।
इस बीच, ट्रम्प ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर ईरान अमेरिका के 15 बिंदुओं वाले प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो सैन्य कार्रवाई और तेज की जाएगी। मौजूदा हालात को देखते हुए यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच टकराव कम होने के बजाय और बढ़ता जा रहा है, जिससे वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।







