मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। ईरान ने शनिवार को दावा किया है कि उसने फार्स प्रांत के पास एक अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है। हालांकि इस दावे की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिका की ओर से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस घटना ने क्षेत्र में पहले से मौजूद अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।
इससे पहले ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात पर 20 बैलिस्टिक मिसाइल और 37 ड्रोन से हमला करने का दावा किया। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया, जिससे किसी बड़े नुकसान से बचाव हो सका। वहीं, बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने भी अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। करीब 3,500 अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंच चुके हैं, जिन्हें USS ट्रिपोली के जरिए तैनात किया गया है। ये सैनिक 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं और उनके साथ ट्रांसपोर्ट व लड़ाकू विमान भी भेजे गए हैं, जो क्षेत्र में संभावित संघर्ष की गंभीरता को दर्शाता है।







