इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में अनुशासन और कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल बाहरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना है, बल्कि विभाग के भीतर भी जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करना है। पुलिस प्रशासन साफ संदेश दे रहा है कि लापरवाही और कदाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
इसी क्रम में डीआरपी लाइन (पूर्व क्राइम ब्रांच) में पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक क्रमांक 2801 दीपक थापा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। जांच में कदाचार के आरोप प्रमाणित होने के बाद डीसीपी (क्राइम) इंदौर ने उनका कार्यवाहक प्रधान आरक्षक का प्रभार वापस ले लिया। साथ ही उन्हें पदावनत करते हुए उनके मूल पद आरक्षक पर भेज दिया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों का स्पष्ट संदेश: अनुशासन से समझौता नहीं
मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कमिश्नरेट में अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग के भीतर पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इस संबंध में एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।







