इंदौर में एक मार्मिक लेकिन प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जहां शुजालपुर निवासी 34 वर्षीय अनुपम नालमे के ब्रेन डेड होने के बाद उनके परिवार ने साहसिक फैसला लेते हुए अंगदान की अनुमति दी। इस मानवीय निर्णय ने तीन जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी दे दी। मंगलवार को शहर में बने 67वें ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से अनुपम का लिवर और दोनों किडनी सफलतापूर्वक अलग-अलग मरीजों में ट्रांसप्लांट किए गए।
अनुपम को 20 मार्च को उनके घर पर गंभीर ब्रेन हेमरेज हुआ था। पहले उन्हें वी-वन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां हालत बिगड़ने पर 22 मार्च को सीएचएल केयर हॉस्पिटल रेफर किया गया। यहां डॉक्टरों की टीम ने दो बार जांच करने के बाद उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया।
परिवार का बड़ा फैसला बना दूसरों के लिए जीवनदान
इस कठिन समय में अनुपम के परिवार ने हिम्मत और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अंगदान का निर्णय लिया। मुस्कान ग्रुप के सेवादारों द्वारा काउंसलिंग के बाद परिजनों ने सहमति दी और अधिक से अधिक अंग दान करने की इच्छा जताई।
परिवार के इस फैसले ने न केवल तीन जिंदगियों को बचाया, बल्कि समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण भी पेश किया है कि कठिन परिस्थितियों में लिया गया एक निर्णय कई लोगों के जीवन में उम्मीद की रोशनी ला सकता है।







