मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में एक शादी का जश्न उस वक्त दहशत में बदल गया, जब डीजे को लेकर उपजा विवाद खुलेआम गुंडागर्दी में बदल गया। थाना दीनदयाल नगर क्षेत्र के ग्राम मथुरी में बारात की खुशियां चीखों में बदल गईं। वर निकासी के दौरान कुछ युवकों ने सरेआम दूल्हे को घोड़ी से धक्का देकर नीचे गिरा दिया और बारातियों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। बताया जा रहा है कि विवाद सिर्फ इस बात पर था कि शादी में उनका डीजे क्यों नहीं बजाया गया। लेकिन सवाल यह है क्या अब गांवों में शादियां भी ठेके पर होंगी? क्या खुशी मनाने के लिए भी दबंगों की इजाजत जरूरी है?
दूल्हे की मां पर तलवार से वार, खुलेआम धमकी
हद तो तब हो गई जब दूल्हे की मां संतोषबाई बीच-बचाव करने पहुंचीं। आरोप है कि अंकित नामक युवक ने तलवार से उनके चेहरे पर वार कर दिया, जिससे आंख के पास गंभीर चोट आई। बारात में मौजूद अन्य लोगों सिताराम, अमृत, नन्दु डामर, धापु मुनिया सहित कई लोगों को लात-घूंसों और लकड़ी से पीटा गया।
गांव के कुछ लोगों के अनुसार, हमलावर जाते-जाते यह धमकी भी दे गए कि आगे से गांव में शादी करनी है तो उनका ही डीजे लगेगा, वरना अंजाम जानलेवा होगा। यह सिर्फ मारपीट नहीं, बल्कि खुलेआम दबंगई का ऐलान था।
घटना के बाद दूल्हा और बाराती थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आशिष मोरी, दीपक पारगी, जितेंद्र पारगी, ध्रुव, राहुल मईड़ा, संजय मईड़ा और अंकित मईड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दो आरोपितों को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के मुताबिक पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और जांच शुरू कर दी है।
अब बड़ा सवाल यह है क्या कानून का डर खत्म हो चुका है? क्या गांवों में खुशियां मनाना भी जोखिम बन चुका है? और क्या प्रशासन इस गुंडागर्दी पर ऐसी कार्रवाई करेगा कि दोबारा कोई बारात खून में न नहाए?







