इंदौर। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन और अन्य संगठनों के आह्वान पर 12 फरवरी को होने वाले देशव्यापी आंदोलन से पहले इंदौर में माहौल गरमा गया है। बुधवार शाम शहर के बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रदर्शन कर अपनी नाराज़गी जाहिर की और सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की कथित श्रमिक-विरोधी और जन-विरोधी नीतियों को निशाने पर लिया। वक्ताओं का कहना था कि चार श्रम संहिताओं के माध्यम से कर्मचारियों के संगठित होने, सामूहिक सौदेबाजी करने और हड़ताल के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों के निजीकरण, स्टाफ की कमी, बढ़ती आउटसोर्सिंग, पुरानी पेंशन योजना की समाप्ति और आम ग्राहकों पर बढ़ते सेवा शुल्क को लेकर भी तीखा विरोध दर्ज किया गया।
आंदोलन की तैयारी के तहत 12 फरवरी को इंदौर के सभी बैंक कर्मचारी और अधिकारी अभिनव कला समाज, गांधी हॉल में विशाल प्रदर्शन और आम सभा करेंगे। आयोजकों का दावा है कि यह सभा शहर के बैंकिंग इतिहास की बड़ी सभाओं में से एक होगी।
मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के चेयरमैन मोहन कृष्ण शुक्ला और एमपी बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव अरविंद पोरवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ये नीतियां केवल कर्मचारियों के अधिकारों पर प्रहार नहीं हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक क्षेत्र की स्थिरता के लिए भी गंभीर चुनौती हैं।
कार्यक्रम का संचालन ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के सह-कोषाध्यक्ष नवीन मोदी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन पंकज पांढरे ने व्यक्त किया।
वक्ताओं ने सभी बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों से 12 फरवरी की हड़ताल में सक्रिय और पूर्ण भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल अधिकारों की रक्षा का नहीं, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के भविष्य को बचाने का भी है।







