मिलावटखोरों की मनमानी अब नहीं चलेगी। जनता की सेहत से खेल रहे कारोबारियों पर प्रशासन ने आखिरकार वह हथौड़ा चला दिया, जिसकी लंबे समय से जरूरत थी। इंदौर जिले के महू क्षेत्र में गंदगी और संदिग्ध सामग्री से चल रहे खाद्य कारोबारों पर प्रशासन का गुस्सा फूट पड़ा। नतीजा डेयरी और बेकरी पर ताले, सामग्री जब्त और सख्त चेतावनी।
मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी महू के नेतृत्व में गठित संयुक्त दल ने आकवी, तहसील मऊ स्थित नारायण डेयरी पर छापा मारा। जांच में जो नजारा सामने आया, उसने हर जिम्मेदार नागरिक को झकझोर दिया। पनीर के नाम पर खेल, तेल के नाम पर छल और सफेद पाउडर के नाम पर रहस्य!
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने पनीर, पामोलिन तेल और एक अज्ञात सफेद पदार्थ के नमूने लिए। मौके से 118 लीटर रिफाइंड पाम ऑयल और 40 किलो संदिग्ध सफेद पाउडर जब्त कर सील कर दिया गया। गंदगी में चल रही इस डेयरी को सुधार होने तक पूरी तरह बंद करा दिया गया।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने साफ शब्दों में चेताया
“नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दोषी पाए गए तो कड़ी वैधानिक कार्रवाई होगी।” सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेज दिए गए हैं। महू के गवली पलासिया स्थित दद्दू बेकरी भी प्रशासन के निशाने से नहीं बची। जांच में मैदा, खोपरा, बुरा बेक्ड समोसा और स्ट्रॉबेरी केक के नमूने लिए गए। लेकिन किचन की हालत देखकर अफसर भी नाराज हो गए। गंदगी, अव्यवस्था और लापरवाही की हद पार! परिणामस्वरूप बेकरी को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया।
संदेश साफ है:
जो व्यापारी मुनाफे के लिए ज़हर परोसेंगे, उनके लिए अब सिर्फ ताले, सील और कानूनी कार्रवाई है। प्रशासन अब आर-पार के मूड में है, और यह तो सिर्फ शुरुआत है।








