इंदौर की सड़कों पर कानून को ठेंगा दिखाने वाले झपटमारों के लिए अब कोई जगह नहीं, कोई रहम नहीं! पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर के सख्त और दो-टूक निर्देशों के बाद, अपराधियों पर कहर बनकर टूटी ज़ोन-4 पुलिस। पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, और सहायक पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में झपटमारी करने वालों को पकड़ने का जो अभियान चला उसका नतीजा ऐसा निकला कि अपराधियों की बोलती बंद और हौसले पस्त! थाना द्वारकापुरी प्रभारी की टीम ने तेज़ी दिखाते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो शातिर आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने झपटमारी की वारदात कबूलते हुए छीना गया सामान भी उगल दिया।
गिरफ्तार आरोपी, जिनका नाम सुनते ही इलाके में डर फैलता था
सागर पिता कैलाश पिपले (25 वर्ष), निवासी द्वारकापुरी, इंदौर, सुनील उर्फ मटरु पिता श्रवण भार्गव (21 वर्ष), निवासी ऋषि पैलेस कॉलोनी, इंदौर, अब ये दोनों पुलिस हिरासत में हैं —स्कूटी की रफ्तार खत्म, कानून की हथकड़ी कस चुकी है!* जप्त मश्रुका, लूट का पूरा सामान बरामद, पोको मोबाइल, कीमत करीब 25,000, नगदी , करीब 1,000, वारदात में प्रयुक्त स्कूटी, कीमत करीब 1,00,000
इंदौर पुलिस का साफ संदेश
“झपटमारी करोगे तो बचोगे नहीं, रिकॉर्ड हो या ना हो, जेल पक्की है!” अब अपराधियों को समझ लेना चाहिए , ये इंदौर है, यहां कानून सोता नहीं… सीधे वार करता है!








