हरदा-खंडवा स्टेट हाईवे के पास सोमवार को जो हुआ, उसने किसानों की मेहनत और उम्मीदों को राख में बदल दिया। खिरकिया के छीपाबड़ इलाके में एक खेत में खड़ी गेहूं की फसल में अचानक आग भड़क उठी और देखते ही देखते लगभग 50 एकड़ की फसल जलकर खाक हो गई। सोचिए… महीनों की मेहनत, दिन-रात की मेहनत, कर्ज लेकर बोया गया बीज… और कुछ ही मिनटों में सब कुछ राख।
आग इतनी तेजी से फैली कि किसान और ग्रामीण कुछ समझ ही नहीं पाए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, छीपाबड़ पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। खिरकिया से आई दमकल की गाड़ी ने आग बुझाने की कोशिश जरूर की, लेकिन तब तक खेतों में खड़ी सुनहरी फसल काली राख में बदल चुकी थी।
सबसे बड़ा सवाल यही है आखिर यह आग लगी कैसे? क्या यह महज हादसा है, या फिर कहीं न कहीं लापरवाही की चिंगारी ने किसानों की मेहनत को जला दिया? हर बार की तरह इस बार भी वही पुरानी लाइन सामने आ रही है आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। लेकिन सवाल यह है कि जब तक जांच पूरी होगी, तब तक उन किसानों का क्या होगा जिनकी पूरी फसल जल चुकी है? क्या उन्हें समय पर मुआवजा मिलेगा, या फिर फाइलों और कागजों में ही उनका दर्द दबकर रह जाएगा?
फिलहाल प्रशासन जांच की बात कर रहा है, लेकिन खेतों में बची राख साफ बता रही है कि इस आग ने सिर्फ फसल नहीं जलाई… बल्कि कई किसानों की उम्मीदें भी राख कर दी हैं।







