राजगढ़। वाहन मालिकों की मेहनत पर डाका डालने वाले अंतर्राज्यीय ठगों की आखिरकार शामत आ ही गई। क़िस्तों का झांसा, काग़ज़ी वादे और पूजा-पाठ का नाटक फिर ट्रक, क्रेन और पोकलेन सीधे कबाड़ में! राजगढ़ पुलिस ने ऐसे ही शातिरों के गिरोह को धर दबोचा है। 6 आरोपित गिरफ्तार, जिनमें चार महाराष्ट्र के, एक राजगढ़ और एक शाजापुर का और कब्ज़े से ₹10.60 लाख नकद व ₹20 लाख की हाइड्रा क्रेन बरामद। ठगों की यह टोली मालिकों से 1–2 लाख थमा कर लाखों की मशीनरी उड़ाती थी और फाइनेंस किश्तें भरने की बात कहकर गायब हो जाती थी।
एसपी अमित कुमार तोलानी ने साफ किया अब बहाने नहीं, सबूत बोलते हैं। लीमाचौहान और तलेन थाना क्षेत्रों में ट्रकों को किश्तों के नाम पर हड़पने के बाद न किश्तें भरी गईं, न वाहन लौटे। उल्टा, महाराष्ट्र ले जाकर वाहनों को काटा-बेचा गया और मोबाइल नंबर बंद। मगर इस बार किस्मत ने दगा दिया मुखबिर, CCTV और तकनीकी साक्ष्यों ने ठगों की सारी चालें उधेड़ दीं। पुलिस की सख़्त कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है: मालिकों को ठगकर ऐश करने वालों के दिन पूरे हुए अब कानून की गाड़ी रिवर्स नहीं, सीधे जेल की ओर दौड़ेगी।







