“जहाँ नल से ज़हर बह रहा है: भागीरथपुरा के रहवासी बच्चों को भेज रहे शहर से बाहर”
भागीरथपुरा में हालात अब सामान्य नहीं रहे…
यहाँ नल से बहता पानी प्यास नहीं बुझा रहा, बल्कि ज़िंदगी छीन रहा है।
दूषित पानी से फैल रही गंभीर बीमारियों ने पूरे इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय रहवासियों के अनुसार बीते दिनों कई लोग बीमार पड़े और कुछ की मौत भी हो चुकी है। इन घटनाओं के बाद अब माता-पिता सबसे कठोर लेकिन ज़रूरी फैसला लेने को मजबूर हैं अपने बच्चों को इंदौर से बाहर भेजने का।
एक रहवासी ने बताया
“जिस तरह से बीमारी फैल रही है, हमें डर लग रहा था कि कहीं बच्चों को कुछ हो गया तो? इसलिए उन्हें रिश्तेदारों के पास भेज दिया, ताकि कम से कम उनकी जान सुरक्षित रहे।”
इलाके में सन्नाटा है…
खेलते बच्चों की आवाज़ें गायब हैं, स्कूल जाने वाली गलियाँ सूनी पड़ी हैं। हर घर में सिर्फ एक ही सवाल—**अगला नंबर किसका?**
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। न तो पानी की गुणवत्ता सुधारी गई, न ही स्थायी समाधान दिया गया।
भागीरथपुरा के लोग अब सिर्फ साफ पानी नहीं, बल्कि जवाब मांग रहे हैं
क्या उन्हें अपने ही शहर में सुरक्षित रहने का हक़ नहीं?







