भगवान शिव के प्रिय सावन माह की शुरुआत के साथ ही धर्मनगरी उज्जैन पूरी तरह शिवमय होने जा रही है। इस बार सावन और भादौ के दौरान बाबा महाकाल की कुल 6 भव्य सवारियां निकलेंगी, जबकि हर दिन करीब 4 लाख श्रद्धालुओं के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचने का अनुमान है। प्रशासन और मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन माह का समापन 28 अगस्त को पूर्णिमा तिथि के साथ होगा। इस पूरे महीने महाकाल की नगरी उज्जैन में भक्ति, आस्था और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचेंगे और मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठेगा।
महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन के अनुसार इस बार प्रतिदिन लगभग 4 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था, यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, प्रशासन और मंदिर समिति संयुक्त रूप से व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
सावन के चारों सोमवार और भादौ के दो सोमवार को भगवान महाकाल राजाधिराज के स्वरूप में अपनी पारंपरिक शाही सवारी निकालेंगे। प्राचीन परंपरा के अनुसार बाबा महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। सवारी मार्ग को विशेष रूप से सजाया जाएगा और जगह-जगह भक्त पुष्पवर्षा कर बाबा का स्वागत करेंगे।
कांवड़ यात्रियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। मंगलवार से शुक्रवार तक कांवड़िए नियमानुसार भगवान महाकाल को जल अर्पित कर सकेंगे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित समय और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि सभी भक्त आसानी और सुरक्षित तरीके से दर्शन का लाभ उठा सकें।
आस्था, परंपरा और भक्ति के इस महापर्व में उज्जैन एक बार फिर पूरे देश का आध्यात्मिक केंद्र बनने जा रहा है। छह दिव्य सवारियां, लाखों श्रद्धालु और बाबा महाकाल का आशीर्वाद… सावन और भादौ का यह पावन अवसर हर शिवभक्त के लिए अविस्मरणीय बनने वाला है।







