NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में अब जांच बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बीच अब शक की सुई सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के अधिकारियों की तरफ घूमती नजर आ रही है। CBI की इंटरनल जांच रिपोर्ट्स में ऐसे संकेत मिले हैं, जिन्होंने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस केस में पहले केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और फिर बॉटनी लेक्चरर मनीषा मांधरे की गिरफ्तारी हुई थी। लेकिन अब जांच का दायरा और बड़ा हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, पुणे से गिरफ्तार ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे का सीधा संपर्क एक NTA अधिकारी से था। दावा किया जा रहा है कि उसे परीक्षा से करीब 6 दिन पहले ही NEET-UG 2026 का प्रश्नपत्र और उसके उत्तर उपलब्ध करा दिए गए थे।
जांच एजेंसियों को शक है कि यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। CBI सूत्रों के अनुसार, मनीषा वाघमारे की पहचान केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के जरिए NTA अधिकारी से हुई थी। यही नहीं, जिस अधिकारी पर शक जताया जा रहा है, वह उन लोगों में शामिल हो सकता है जिनके पास पेपर तैयार करने, मॉडरेशन और एक्सपर्ट कमेटी गठित करने जैसी अहम जिम्मेदारियां होती हैं।
अगर जांच में ये आरोप साबित होते हैं, तो यह सिर्फ पेपर लीक नहीं बल्कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर बड़ा हमला माना जाएगा। अब सबकी नजर CBI की अगली कार्रवाई और NTA से होने वाली पूछताछ पर टिकी हुई है।







