बड़ी खबर सुप्रीम कोर्ट से… अब सरकारी नौकरी पाने के लिए अपनी ज्यादा शैक्षणिक योग्यता छुपाना भारी पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि कम योग्यता वाले पद के लिए अपनी उच्च शिक्षा छिपाकर नौकरी हासिल करना न केवल गलत है, बल्कि कानूनन अमान्य भी है।
कोर्ट ने कहा कि ऐसा करने वाला व्यक्ति उस उम्मीदवार का हक छीनता है, जो वास्तव में उस पद की निर्धारित योग्यता रखता है। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें एक व्यक्ति को राहत दी गई थी जिसने बैंक अटेंडेंट की नौकरी पाने के लिए अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री छुपाई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कम पढ़े-लिखे उम्मीदवारों के लिए आरक्षित पदों पर अधिक शिक्षित लोगों को विशेष अधिकार नहीं दिया जा सकता। सार्वजनिक रोजगार तय नियमों और पात्रता के आधार पर ही मिलेगा। कोर्ट का यह फैसला भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।







