मध्य प्रदेश में तेज गर्मी के दौर के बीच अचानक मौसम ने करवट ले ली। शनिवार दोपहर बाद भोपाल सहित कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली। रायसेन जिले के कई गांवों में तेज हवाएं चलीं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। छुछार गांव में हरशिव वेयरहाउस की टीन की छत तेज आंधी में उड़ गई। इस वेयरहाउस में लगभग 5000 मीट्रिक टन सरकारी मूंग भंडारित है, जिससे नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
किसानों पर दोहरी मार, खरीदी व्यवस्था प्रभावित
बरेली और बाड़ी क्षेत्रों में अचानक हुई बारिश से किसानों का अनाज भीग गया, जिससे सरकारी खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हुई है। सीहोर जिले के इछावर, बोरदी, झालकी और भाऊखेड़ी में भी तेज आंधी के साथ बारिश हुई। बोरदी में विनायक वेयरहाउस के बाहर खड़ी करीब 2 किलोमीटर लंबी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रखी फसल बारिश में भीग गई।
बालाघाट में दोपहर बाद गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई, जहां नगरपालिका परिसर में एक पेड़ गिरने से उसके नीचे खड़ी बाइक दब गई। वहीं, सीहोर के जाखाखेड़ी में सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ। ब्यावरा में तेज हवा से दुकानों के फ्लैक्स उड़ गए, जबकि पिपरिया में शाम के समय धूल भरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम के इस अचानक बदलाव ने किसानों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है।







