इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जारी भीषण जल संकट अब जानलेवा साबित हो रहा है। गंदे और दूषित पानी की सप्लाई के चलते अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और भयावह होते जा रहे हैं।
इसी को लेकर मंगलवार को इंदौर कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भागीरथपुरा के रहवासी हाथों में गंदे पानी से भरी बोतलें लेकर पहुँच गए। लोगों ने प्रशासन को वही पानी दिखाया, जिसे पीने के लिए वे मजबूर हैं।
रहवासियों का आरोप है कि नलों से बदबूदार, पीला और कीड़े मिले पानी की सप्लाई की जा रही है, जिससे क्षेत्र में डायरिया, उल्टी-दस्त और अन्य गंभीर बीमारियाँ फैल रही हैं। कई परिवार अपने बच्चों और बुज़ुर्गों को खो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक ठोस समाधान नहीं निकाल पाए हैं।
जनसुनवाई में पहुंचे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराज़गी जताते हुए कहा कि अगर समय रहते शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई, तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने जांच और तत्काल वैकल्पिक जल आपूर्ति का आश्वासन दिया है।
भागीरथपुरा का यह संकट अब सिर्फ एक इलाके की समस्या नहीं, बल्कि इंदौर जैसे स्वच्छ शहर की छवि पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।







