सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा लाइक और व्यू पाने की चाहत किस हद तक जा सकती है, इसका हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक शख्स ने अपने ही घर के कमरे को फर्जी कोर्ट में बदल दिया। रिवॉल्विंग चेयर पर बैठकर बड़ी स्क्रीन के सामने वह फर्राटेदार अंग्रेजी में कानूनी दलीलें देता और खुद को बड़ा वकील दिखाता था।
वीडियो देखने पर ऐसा लगता था कि शख्स किसी वास्तविक अदालत में किसी मामले की पैरवी कर रहा है। कभी हिंदी तो कभी अंग्रेजी में वह जज के सामने बहस करता दिखाई देता था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मामला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की नजर में भी आ गया।
जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि यह कोई असली कोर्ट रूम नहीं था। शख्स ने सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए कमरे में ही अदालत जैसा पूरा सेटअप तैयार किया था। बड़ी स्क्रीन पर जज की तस्वीर या स्क्रीन लगाई जाती और कैमरे के सामने बैठकर वह खुद को वकील के तौर पर पेश करता था।
हैरानी की बात यह है कि वीडियो में उसकी भाषा और अंदाज ऐसा था, जैसे वह किसी गंभीर कानूनी मामले में बहस कर रहा हो। लेकिन हकीकत सामने आने के बाद उसके इस पूरे खेल पर सवाल खड़े हो गए।
यह मामला सिर्फ सोशल मीडिया पर व्यू पाने की कोशिश नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था और वकालत जैसे गंभीर पेशे की छवि से जुड़ा मामला भी बन गया है। हाईकोर्ट की नजर पड़ते ही जिस शख्स का फर्जी कोर्ट सोशल मीडिया पर चल रहा था, उसकी असली कहानी भी सामने आ गई।
यानी कैमरे के सामने कोर्ट था, स्क्रीन पर जज था और कुर्सी पर बैठा शख्स खुद को वकील बता रहा था… लेकिन असली अदालत कहीं थी ही नहीं।







