अंबिकापुर। सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम तुरना में कुत्ते के काटने की एक दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को दहला दिया है। आवारा कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए 65 वर्षीय झनक राम राजवाड़े की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम है, वहीं ग्रामीणों के मन में डर और आक्रोश दोनों साफ नजर आ रहे हैं।
बताया गया कि झनक राम राजवाड़े बीते 31 दिसंबर की रात किसी काम से घर से बाहर निकले थे। तभी गली में घूम रहे एक आवारा कुत्ते ने अचानक उन पर हमला कर दिया। कुत्ते ने उनके चेहरे और हाथ को बुरी तरह काट लिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कई दिनों तक इलाज चला। हालत में सुधार होने पर डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें घर ले आया गया और समय-समय पर एंटी-रैबीज इंजेक्शन भी लगाए जा रहे थे।
सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन 26 जनवरी को अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। हालत नाजुक होने पर परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लेकर पहुंचे, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने लगातार इलाज किया। तमाम प्रयासों के बावजूद बुधवार तड़के इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस दुखद घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनके नियंत्रण और टीकाकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। शहरी क्षेत्र में नगर निगम द्वारा सीमित स्तर पर टीकाकरण कराया गया है, लेकिन ग्रामीण इलाकों को अब तक नजरअंदाज किया गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में भी आवारा कुत्तों के नियंत्रण, टीकाकरण और निगरानी की ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी दर्दनाक त्रासदी का सामना न करना पड़े।







