संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी रणनीति साफ कर दी है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर परिसीमन यानी 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि इतने अहम मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों से चर्चा के बाद ही आगे का फैसला होना चाहिए।
दिल्ली में सोनिया गांधी के आवास पर हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, शशि थरूर, जयराम रमेश समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में आगामी मानसून सत्र के लिए पार्टी की रणनीति तय की गई और सरकार को कई मुद्दों पर घेरने का फैसला लिया गया।
कांग्रेस ने साफ किया है कि वह संसद में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले को प्रमुखता से उठाएगी। इसके साथ ही पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की नीति पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा। पार्टी का आरोप है कि इन मुद्दों पर देश के सामने कई सवाल हैं, जिनका जवाब संसद के भीतर दिया जाना चाहिए।
इतना ही नहीं, कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि सरकार द्वारा लाए जाने वाले संशोधन विधेयकों का भी कड़ा विरोध किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि जिन कानूनों का व्यापक असर जनता पर पड़ता है, उन्हें बिना पर्याप्त चर्चा और विपक्ष की राय के पारित नहीं किया जाना चाहिए।
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से संसद में उठाएगा और सरकार से जवाबदेही की मांग करेगा।
अब सबकी नजर मानसून सत्र पर है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। ऐसे में यह सत्र राजनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







