मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने 35 साल के राजनीतिक और व्यक्तिगत रिश्तों को शब्दों में पिरोते हुए एक खास किताब लिखी है। ‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ नाम की इस किताब का विमोचन दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने किया।
इस किताब में शिवराज सिंह चौहान ने कई ऐसे किस्सों का जिक्र किया है, जो राजनीति के पीछे छिपे रिश्तों और भरोसे को सामने लाते हैं। सबसे चर्चित प्रसंग 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव का है, जब विपक्ष लगातार यह प्रचार कर रहा था कि शिवराज का राजनीतिक भविष्य खत्म होने वाला है। उसी दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक फोन आया, जिसने शिवराज को भावुक कर दिया।
शिवराज ने किताब में लिखा है कि पीएम मोदी ने उनसे कहा “मैं मुख्यमंत्री से नहीं, अपने शिवराज से बात कर रहा हूं।” यह एक वाक्य उनके लिए सिर्फ राजनीतिक समर्थन नहीं, बल्कि आत्मीयता और विश्वास का प्रतीक बन गया।
किताब में कोरोना काल के संघर्ष, पहलगाम हमले के बाद की परिस्थितियां, 1990 के दशक की संगठनात्मक राजनीति और भाजपा के अंदर कार्यकर्ता संस्कृति के कई अनछुए पहलुओं को भी विस्तार से बताया गया है। शिवराज ने खासतौर पर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकर्ताओं के प्रति प्रेम, संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और हर छोटे कार्यकर्ता को महत्व देने वाली शैली को अपनी सबसे बड़ी सीख बताया है।
यह किताब सिर्फ राजनीतिक संस्मरण नहीं, बल्कि भाजपा संगठन के अंदर रिश्तों, संघर्षों और नेतृत्व की उस शैली की कहानी है, जिसने कई नेताओं को जमीन से उठाकर राष्ट्रीय पहचान दी।







