ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर विवादित बयान देकर सुर्खियों में आए आईएएस अधिकारी संतोष कुमार वर्मा को अब मसूरी में सुशासन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की ट्रेनिंग दी जाएगी। लंबे समय से बिना जिम्मेदारी के बैठे इस अधिकारी को सरकार ने चौथे फेज की मिड करियर ट्रेनिंग में शामिल किया है। 15 जून से 10 जुलाई तक मसूरी में आयोजित होने वाली इस विशेष ट्रेनिंग में मध्यप्रदेश के 46 आईएएस अधिकारी हिस्सा लेंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, इस ट्रेनिंग में प्रदेश के कई बड़े प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। इनमें ग्वालियर, रीवा, धार, पन्ना और सागर के कलेक्टरों के साथ उज्जैन संभागायुक्त का नाम भी शामिल है। बताया जा रहा है कि ये अधिकारी अब तक मिड करियर ट्रेनिंग में शामिल नहीं हुए थे, इसलिए उन्हें इस बैच में भेजा जा रहा है।
2012 बैच के अधिकारियों की इस सूची में संतोष कुमार वर्मा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। विवादित बयान के बाद उन्हें सामाजिक विरोध का सामना करना पड़ा था और सरकार ने उन्हें लंबे समय से कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी थी। अब मसूरी में उन्हें बदलते प्रशासनिक ढांचे, नई तकनीक और सुशासन के आधुनिक तरीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
ट्रेनिंग में हर्षिका सिंह, अजय कटेसरिया, निधि निवेदिता, रोहित सिंह, प्रतिभा पाल, राजीव रंजन मीणा, नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहेंगे। सरकार का दावा है कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को नई प्रशासनिक चुनौतियों और तकनीकी बदलावों के अनुरूप तैयार करना है।







