सागर जिले के चनाटोरिया में हुए दर्दनाक कार अग्निकांड मामले ने अब सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। शनिवार, 21 मार्च की सुबह करीब 4 बजे चलती कार में आग लगने से 38 वर्षीय सीमा कुर्मी की मौत हो गई थी। शुरुआती तौर पर इसे हादसा माना जा रहा था, लेकिन अब जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने पूरे मामले को हत्या की दिशा में मोड़ दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतका के पति डॉ. नीलेश कुर्मी पर ही ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने का संदेह गहरा गया है। घटना के वक्त कार में डॉक्टर के साथ उसके दो साथी रामकृष्ण और शुभम भी मौजूद थे, जो सुरक्षित बाहर निकल आए। इन दोनों के बयानों में कई अहम बातें सामने आई हैं, जिनमें आग लगाए जाने की आशंका जताई गई है।
इधर, हिरासत में लिए जाने के बाद डॉ. नीलेश लगातार अपने बयान बदल रहा है। कभी वह पत्नी को हार्ट अटैक आने की बात कहता है, तो कभी सीने में दर्द का हवाला देता है। पुलिस की सख्ती बढ़ने पर वह अपनी तबीयत खराब होने, गैस बनने या घबराहट का बहाना बनाकर जांच को भटकाने की कोशिश करता नजर आ रहा है।
पुलिस ने डॉक्टर का मेडिकल परीक्षण भी कराया, लेकिन रिपोर्ट में उसकी हालत पूरी तरह सामान्य पाई गई। इससे संदेह और गहरा गया है कि वह जानबूझकर जांच को गुमराह कर रहा है।
फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसी रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो पाएगा कि सीमा कुर्मी की मौत आग में जलने से हुई या पहले ही उसकी हत्या कर शव को कार में जलाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। जैसे-जैसे सच्चाई सामने आएगी, इस सनसनीखेज घटना के और भी चौंकाने वाले पहलू उजागर हो सकते हैं।







