मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। पचोर थाना इलाके के एक गांव में, महज 9 साल की एक मासूम बच्ची के साथ भयानक दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया गया है। सबसे ज्यादा हैरान और परेशान करने वाली बात यह है कि इस घिनौने अपराध को अंजाम देने वाले कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि खुद 11 से 12 साल की उम्र के तीन नाबालिग लड़के हैं।
जी हां, यह पूरी घटना सोमवार दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित बच्ची तीसरी कक्षा में पढ़ती है और वह रोज की तरह गांव के पास के जंगल में अपनी बकरियां चराने गई थी। उसी दौरान गांव का ही एक 12 साल का लड़का भी वहां बकरियां चरा रहा था। कुछ ही देर में उसके दो अन्य दोस्त भी वहां पहुंच गए। इन लड़कों ने मासूम बच्ची को अपनी बातों में फंसाया और खजूर खिलाने के बहाने उसे जंगल के और गहरे हिस्से में ले गए। वहां इन तीनों नाबालिगों ने मिलकर बच्ची के साथ गैंगरेप जैसी खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद मासूम को रोता-बिलखता हुआ जंगल में ही छोड़कर तीनों आरोपी मौके से भाग निकले।
सोचिए उस मासूम पर क्या गुजरी होगी। वह बच्ची किसी तरह रोते हुए, हिम्मत जुटाकर अपने घर पहुंची। उसने रो-रोकर अपने माता-पिता को पूरी आपबीती सुनाई। जैसे ही परिजनों को इस बात का पता चला, पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। गांव में सन्नाटा पसर गया।
परिजनों ने बिना वक्त गंवाए सीधे पचोर थाना रुख किया और पुलिस में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पचोर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत ऐक्शन लिया और पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी भले ही नाबालिग हैं, लेकिन कानून के मुताबिक उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि हमारे सामाजिक ताने-बाने पर एक बहुत बड़ा तमाचा है। आखिर 11-12 साल के बच्चों के जेहन में इतनी कम उम्र में ऐसा खौफनाक विचार कैसे आ सकता है? यह एक बड़ा सवाल है। इस मामले की हर अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ। नमस्कार।







