देशभर के करोड़ों शिव भक्तों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। बाबा बर्फानी की पवित्र अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था गुरुवार तड़के जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हो गया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया।
सुबह चार बजे जैसे ही पहला जत्था रवाना हुआ, पूरा माहौल “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर उत्साह, श्रद्धा और बाबा बर्फानी के दर्शन की खुशी साफ दिखाई दी।
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त यानी रक्षाबंधन तक चलेगी। श्रद्धालु दो प्रमुख मार्गों पहलगाम और बालटाल से पवित्र गुफा तक पहुंचेंगे। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को देखते हुए प्रशासन ने इस बार यात्रा के लिए कड़े नियम लागू किए हैं।
यात्रा में केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को शामिल किया गया है, जिन्होंने पहले से पंजीकरण कराया है, RFID कार्ड बनवाया है और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की है। बिना पंजीकरण किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए लागू की गई है।
उधर, उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में भी आस्था का जनसैलाब लगातार उमड़ रहा है। एक जुलाई तक बद्रीनाथ धाम में करीब 14 लाख 50 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि केदारनाथ धाम में 13 लाख 75 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर चुके हैं।
देश के दोनों प्रमुख तीर्थों में उमड़ रही भारी श्रद्धा यह दिखाती है कि सनातन आस्था के प्रति लोगों का विश्वास लगातार और मजबूत हो रहा है। प्रशासन श्रद्धालुओं से अपील कर रहा है कि वे यात्रा के सभी नियमों का पालन करें, मौसम की जानकारी लेते रहें और सुरक्षित यात्रा का संकल्प लेकर ही दर्शन के लिए निकलें।







