श्मशान की खामोश रात… जलती चिताओं के बीच काले कपड़ों में बैठे लोग… सामने रखी खोपड़ियां… और दावा ऐसा कि पैसों की बारिश होने लगे, गड़ा धन बाहर निकल आए, दुश्मन खत्म हो जाएं और खोया प्यार वापस लौट आए। लेकिन क्या सच में ऐसा संभव है, या फिर यह अंधविश्वास और लालच का एक खतरनाक जाल है?
सोशल मीडिया पर इन दिनों ऐसे कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें अघोर साधना, श्मशान सिद्धि और तंत्र विद्या के नाम पर चमत्कार दिखाने के दावे किए जा रहे हैं। पड़ताल में सामने आया कि इन दावों के पीछे बाकायदा एक पूरा कारोबार खड़ा किया जा रहा है। हजारों रुपये की फीस लेकर लोगों को कथित तांत्रिक शक्तियां सिखाने और जीवन की हर समस्या का समाधान देने का वादा किया जा रहा है।
जांच के दौरान उज्जैन से जुड़े एक ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट का पता चला, जहां अघोरी वेशभूषा में लोग यज्ञ और साधना करते दिखाई दिए। वीडियो में दावा किया गया कि यह विशेष साधना पैसों की बारिश करा सकती है। एक अन्य वीडियो में साधक के सामने नोटों की बारिश दिखाई गई, जबकि एक महिला यह कहते हुए नजर आई कि इस साधना से चमत्कारी परिणाम मिलते हैं।
जब इस दावे की तह तक पहुंचने के लिए संबंधित तांत्रिक से संपर्क किया गया, तो उसने खुद को अघोरी बताते हुए ‘अघोर गुरुदीक्षा’, ‘श्मशान साधना’ और ‘तंत्र सिद्धि’ सिखाने की बात स्वीकार की। इतना ही नहीं, उसने पैसों की बारिश, गड़ा धन निकालने और विशेष सिद्धियां प्राप्त कराने जैसे दावे भी किए।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। डर, लालच और चमत्कार की चाहत में लोग अक्सर ऐसे जाल में फंस जाते हैं, जहां उनकी आस्था के साथ-साथ उनकी जेब पर भी चोट पड़ती है।
अब सवाल यह है कि क्या यह सचमुच आध्यात्मिक साधना है, या फिर अंधविश्वास के नाम पर लोगों को भ्रमित करने का एक सुनियोजित कारोबार? पड़ताल जारी है।







