मध्यप्रदेश के बालाघाट से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राजनीति और अपराध के रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां सिंचाई परियोजना के एक प्लांट में आग लगाने के आरोप में एक भाजपा नेता, एक सरपंच और उनके एक साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में जनपद पंचायत सदस्य और भाजपा नेता भुवनेश्वर रजक, परतापुर के सरपंच राजेश सिरसाम और राकेश दमाहे शामिल हैं।
आरोप है कि तीनों एक कार से प्लांट पहुंचे और प्रबंधन से कुल 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। बताया जा रहा है कि इनमें से 5 लाख रुपये भाजपा नेता और 5 लाख रुपये सरपंच के लिए मांगे गए थे।
जब प्लांट प्रबंधन ने रकम देने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने पहले वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और फिर कथित तौर पर प्लांट में आग लगा दी।
इस आगजनी में प्लांट को करीब 4 से 5 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ। महंगे उपकरण, मशीनें और अन्य सामग्री आग की चपेट में आ गईं, जिससे सिंचाई परियोजना का काम भी प्रभावित हुआ।
घटना 1 जुलाई की बताई जा रही है। लामता थाना पुलिस ने जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और अन्य सबूत जुटाए, जिसके आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस कथित रंगदारी और आगजनी की घटना में अन्य लोगों की भी भूमिका थी या नहीं।
यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला केवल रंगदारी और आगजनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सार्वजनिक परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने का गंभीर मामला भी बनेगा।
फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं कि जांच में आगे और क्या खुलासे होते हैं।







