देशभर में मानसून अब राहत कम और आफत ज्यादा बनता जा रहा है। उत्तर से लेकर पश्चिम और मध्य भारत तक लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई राज्यों में बाढ़, जलभराव और लैंडस्लाइड जैसी घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सबसे पहले बात मध्य प्रदेश की। उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। राम घाट के पास बने कई छोटे मंदिर पानी में डूब गए हैं। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और लोगों से नदी के किनारे न जाने की अपील की जा रही है। मौसम विभाग ने धार, बड़वानी, खरगोन और देवास समेत कई जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है।
वहीं हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में देर रात हुई तेज बारिश के बाद चोलिंग क्षेत्र में लैंडस्लाइड हो गया। मलबा नेशनल हाईवे पर आ गया, जिससे दो गाड़ियां दब गईं। कई सड़कें बंद हो चुकी हैं और प्रशासन लगातार रास्ते साफ कराने में जुटा है।
गुजरात में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। वलसाड में सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे कई वाहन बीच रास्ते में बंद पड़ गए। जामनगर में बारिश के तेज बहाव में दो बच्चे बह गए, जिन्हें स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए सुरक्षित बचा लिया। वहीं सोमनाथ के सूत्रपाड़ा इलाके में घरों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में भी बारिश का असर दिखाई दिया। लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव और आसपास के इलाकों में सुबह तड़के हुई बारिश के बाद कई जगह जलभराव हो गया। उन्नाव में पानी घरों तक पहुंच गया, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में प्रशासन लोगों से सतर्क रहने, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील कर रहा है। फिलहाल मानसून का यह दौर जारी है और आने वाले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।







