देशभर में आम आदमी की रसोई पर महंगाई की मार लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले पांच महीनों में रोजमर्रा की जरूरत वाली लगभग हर खाद्य वस्तु महंगी हो गई है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के प्राइस मॉनिटरिंग सिस्टम के आंकड़े बताते हैं कि 28 फरवरी से 3 अगस्त के बीच 16 प्रमुख खाद्य वस्तुओं में से 15 के दाम बढ़े हैं। ऐसे में त्योहारों से पहले लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका और बढ़ गई है।
सबसे ज्यादा असर दाल और खाद्य तेल की कीमतों में देखने को मिला। अरहर दाल करीब 6 रुपये प्रति किलो महंगी हुई है, जबकि उड़द दाल में लगभग 5.7 रुपये और चना दाल में 4.65 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मूंग दाल भी करीब 4.5 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है। वहीं सरसों तेल की कीमतों में लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है, जिससे रसोई का मासिक बजट और बिगड़ गया है।
यहीं नहीं, दूध की कीमत में करीब 3 रुपये प्रति लीटर और चीनी करीब 2.25 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई है। चावल के दाम भी बढ़े हैं, जबकि नमक और आटे की कीमतों में भी हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यानी रोजाना इस्तेमाल होने वाली लगभग हर जरूरी चीज अब पहले से ज्यादा कीमत पर मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़े असर का प्रभाव घरेलू बाजार में भी दिखाई दे रहा है। अब चिंता इस बात की है कि त्योहारों का सीजन शुरू होने के साथ मांग बढ़ेगी, जिससे कई खाद्य वस्तुओं के दाम और ऊपर जा सकते हैं।
ऐसे में आम परिवारों के लिए रसोई का खर्च संभालना पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता नजर आ रहा है। सरकार की कीमतों पर नजर जरूर बनी हुई है, लेकिन फिलहाल बाजार में महंगाई का दबाव कम होता नहीं दिख रहा। आने वाले हफ्तों में कीमतों का रुख आम लोगों की जेब पर कितना असर डालता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।







