सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को उस वक्त दिलचस्प माहौल बन गया, जब “कॉकरोच जनता पार्टी” यानी CJP से जुड़े लोगों की गतिविधियों की CBI जांच की मांग पर तत्काल सुनवाई की अपील की गई। लेकिन अदालत ने इस मामले को तुरंत सुनने से साफ इनकार कर दिया।
दरअसल, CJP नाम का यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हाल ही में सामने आया है। इसकी चर्चा तब तेज हुई जब भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक “कॉकरोच टिप्पणी” सोशल मीडिया पर वायरल हुई। देखते ही देखते यह प्लेटफॉर्म इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगा और सोमवार दोपहर तक इसके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या 2 करोड़ 29 लाख पार पहुंच
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील एनके गोस्वामी ने दलील दी कि CJP न्यायपालिका की छवि खराब करने का काम कर रही है और इसकी गतिविधियों की जांच CBI से कराई जानी चाहिए। इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा “इसे इतनी भावुकता से मत लें।”
अदालत की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है। एक तरफ लोग इसे अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ न्यायपालिका की गरिमा पर सवाल उठने की चर्चा भी जारी है।







