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आग में जल गया लापरवाही का कारोबार, बाल-बाल बची जिंदगियां, 3 घंटे की जंग के बाद काबू में आई आग

जबलपुर के अधारताल थाना क्षेत्र के गुजराती मोहल्ला में मंगलवार तड़के एक ऐसी आग भड़की जिसने न सिर्फ कपड़ों के बंडलों को राख कर दिया बल्कि इलाके की लापरवाही की परतें भी खोलकर रख दीं। घर के बाहर पुराने कपड़ों का ढेर लगाकर कारोबार चलाया जा रहा था और उसी ढेर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कपड़ों के बंडल धू-धू कर जलने लगे।

सबसे डरावना पल तब आया जब घर के अंदर मौजूद महिला और उसके दो बच्चों ने धुएं और आग की लपटें देखीं। अगर कुछ सेकंड की भी देरी होती तो शायद यह खबर हादसे से त्रासदी में बदल जाती। किसी तरह तीनों ने भागकर अपनी जान बचाई। उधर बाहर कपड़ों के ढेर ऐसे जल रहे थे जैसे किसी ने आग को खुला निमंत्रण दे दिया हो।

आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने-अपने घर छोड़कर बाहर निकल आए। हर किसी के मन में बस एक ही डर था कि कहीं यह आग उनके घरों तक न पहुंच जाए। आखिर सवाल यह भी है कि रिहायशी इलाके में इस तरह ज्वलनशील सामान का भंडारण आखिर किसकी अनुमति से किया जा रहा था।

घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। दो दमकल वाहनों ने आग बुझाने की कोशिश शुरू की, लेकिन कपड़ों के बड़े भंडार के कारण आग लगातार भड़कती रही। हालात ऐसे बन गए कि बीच-बीच में चार टैंकर पानी मंगवाकर दमकल वाहनों को फिर से भरा गया।

करीब तीन घंटे तक दमकलकर्मी आग से जूझते रहे तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान पूरा इलाका धुएं से घिरा रहा और लोग दूर खड़े होकर अपने घरों की किस्मत का इंतजार करते रहे। फायर ब्रिगेड के अनुसार इलाके के सुनील गुजराती पुराने कपड़ों का व्यापार करते हैं और उनके घर के बाहर ही कपड़ों का बड़ा भंडारण किया गया था। यही भंडार आग का कारण बना या फिर किसी और वजह से आग लगी, इसका पता अभी नहीं चल पाया है।

अधारताल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल राहत की बात सिर्फ इतनी है कि इस भीषण आग में किसी की जान नहीं गई। लेकिन बड़ा सवाल अब भी खड़ा है जब रिहायशी मोहल्लों में ऐसे खतरनाक भंडारण होते हैं तो प्रशासन की नजर आखिर कहां होती है, और क्या हर बार किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार किया जाएगा?

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