बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राजधानी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शानदार जीत दर्ज करते हुए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार को 19 हजार 324 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया है। इस जीत ने बिहार की सियासत में नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है।
प्रशांत किशोर को कुल 64 हजार 151 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार को 44 हजार 827 वोट हासिल हुए। यह वही सीट है, जहां से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लगातार पांच बार विधायक चुने गए थे। उनके राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई और यहां उपचुनाव कराया गया।
इस चुनाव परिणाम को केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक तस्वीर के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पहली बार चुनावी मैदान में उतरी जन सुराज पार्टी ने भाजपा के पारंपरिक गढ़ में सेंध लगाकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। प्रशांत किशोर की यह जीत आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि मतगणना के दौरान चुनाव आयोग की वेबसाइट को लेकर भी सवाल उठे। शुरुआत में वेबसाइट पर 31 राउंड की काउंटिंग दिखाई गई, लेकिन बाद में अचानक 32 और फिर 36 राउंड का आंकड़ा नजर आने लगा। कुछ देर बाद फिर से 32 राउंड की काउंटिंग प्रदर्शित की गई। इस तकनीकी गड़बड़ी ने राजनीतिक हलकों में चर्चा जरूर छेड़ी, लेकिन अंतिम परिणाम पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
वहीं, अन्य राज्यों के उपचुनाव परिणामों की बात करें तो मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है, जबकि गुजरात की विसावदर सीट पर भाजपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा। तीन राज्यों के इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि क्षेत्रीय समीकरण लगातार बदल रहे हैं और आने वाले चुनावों में मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है।







