रतलाम जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शादी के नाम पर होने वाली ठगी के खतरनाक नेटवर्क पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक युवक ने जीवनसाथी पाने की उम्मीद में तीन लाख बारह हजार रुपए खर्च किए, लेकिन एक महीने बाद उसकी नई नवेली दुल्हन नकदी और जेवर लेकर रहस्यमय तरीके से गायब हो गई। आरोप है कि फरार होने से पहले उसने अपने पति को नींद की गोली भी दे दी, ताकि उसे किसी बात का शक न हो।
पीड़ित युवक प्रितेश रेगा का कहना है कि करीब दो साल पहले उसकी मुलाकात खुद को मैरिज ब्यूरो संचालक बताने वाले दो लोगों से हुई थी। उन्होंने व्हाट्सएप पर कई लड़कियों की तस्वीरें भेजीं और बाद में उत्तर प्रदेश के चंदौली ले जाकर सुमन नाम की युवती से मुलाकात कराई। भरोसा दिलाया गया कि शादी के बाद लड़की हमेशा उसके साथ रहेगी। इसके बदले तीन लाख रुपए की मांग की गई, जिसे युवक ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद बड़ी सरवन में दोनों की शादी करा दी गई।
युवक का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही उसकी पत्नी ने भरोसा जीत लिया और फिर चार जून को घर में मौजूद नकदी और जेवर लेकर फरार हो गई। जब परिवार ने उसके दस्तावेजों की जांच की तो आधार कार्ड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जिस युवती को सुमन बताया गया था, उसकी पहचान आशिया के नाम से सामने आई। इसके बाद पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की।
शुरुआत में इस मामले में केवल गुमशुदगी दर्ज की गई थी, लेकिन शिकायत और जांच के बाद पुलिस ने दुल्हन समेत दो कथित दलालों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह शादी के नाम पर ठगी करने वाले किसी बड़े गिरोह का हिस्सा तो नहीं।
फिलहाल इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि शादी जैसे संवेदनशील रिश्ते में भी अब सावधानी बेहद जरूरी है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी मैरिज ब्यूरो या बिचौलिए के जरिए विवाह करने से पहले पहचान और दस्तावेजों का पूरी तरह सत्यापन अवश्य करें।







