देशभर में मानसून अब राहत कम और आफत ज्यादा बनता जा रहा है। राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार तक लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में सड़कें नदी में बदल गई हैं, बाजार पानी में डूब गए हैं और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है।
सबसे पहले बात दिल्ली की। राजधानी में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण कई इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिला। विकास मार्ग, संगम विहार, द्वारका, मुनीरका और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास सड़कें पानी में डूब गईं। गाजीपुर मंडी में भी हालात बेहद खराब रहे, जहां दुकानों और बाजारों में पानी भर गया। तुखमीरपुर इलाके में 24 घंटे के भीतर 160 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं कई जगह पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिनमें एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
अब रुख करते हैं उत्तराखंड का, जहां बारिश ने पहाड़ों में संकट और बढ़ा दिया है। उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा बह जाने से लगभग एक हजार श्रद्धालु और यात्री रास्ते में फंस गए हैं। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग भी भारी भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। हरिद्वार में भी सड़कों पर तीन से चार फीट तक पानी भरने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में भी बारिश जानलेवा साबित हुई। प्रदेश के करीब 30 शहरों में हुई बारिश के दौरान अलग-अलग हादसों में 10 लोगों की मौत हो गई। बुलंदशहर में एक पुरानी मस्जिद की दीवार गिरने से एक ही परिवार के दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि हरदोई में नदी के तेज बहाव में दो बहनें बह गईं। उधर बिहार के गोपालगंज में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी सभी सरकारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। फिलहाल देश के कई हिस्सों में मानसून का यह दौर जारी है और राहत की उम्मीद फिलहाल दूर नजर आ रही है।







