भोपाल से उपभोक्ताओं के अधिकारों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सिर्फ 60 रुपए की पानी की बोतल को लेकर शुरू हुई कानूनी लड़ाई में आखिरकार चार साल बाद ग्राहक को इंसाफ मिल गया है। उपभोक्ता आयोग ने भोपाल के एक बड़े होटल के खिलाफ अहम फैसला सुनाया है।
मामला राजधानी भोपाल के एक होटल का है, जहां एक ग्राहक से 60 रुपए एमआरपी वाली पानी की बोतल के लिए 175 रुपए वसूले गए। इतना ही नहीं, होटल ने इस राशि पर अलग से जीएसटी भी जोड़ दिया। ग्राहक ने इसे अनुचित मानते हुए उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान आयोग ने साफ किया कि होटल अपने परिसर में दी जाने वाली सेवाओं के आधार पर एमआरपी से अधिक कीमत वसूल सकता है। लेकिन उसी कीमत पर अलग से जीएसटी वसूलना नियमों के खिलाफ है। इसी आधार पर आयोग ने होटल को सेवा में कमी का दोषी माना।
आयोग ने होटल को ग्राहक से अतिरिक्त लिए गए 10 रुपए 80 पैसे लौटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही मानसिक प्रताड़ना के लिए 5 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 3 हजार रुपए देने के निर्देश भी दिए गए हैं। यानी होटल को कुल करीब 8 हजार रुपए का भुगतान करना होगा।
इतना ही नहीं, यदि तय समय के भीतर यह राशि नहीं चुकाई गई, तो होटल को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना पड़ेगा। यह फैसला उन सभी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो होटल, रेस्टोरेंट या अन्य प्रतिष्ठानों में गलत बिलिंग का सामना करते हैं।
यह फैसला एक बार फिर साबित करता है कि अगर आपके साथ गलत बिलिंग या अनुचित वसूली होती है, तो कानून आपके अधिकारों की रक्षा करता है। इसलिए हर बिल संभालकर रखें और अपने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति हमेशा जागरूक रहें।







