उज्जैन में एक नाबालिग छात्रा को बदनाम करने की खौफनाक साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए अश्लील वीडियो के पीछे का सच सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस मामले में एक महिला बीएलओ समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने नाबालिग छात्रा की तस्वीर का दुरुपयोग करते हुए उसे अश्लील वीडियो में एडिट कर दिया। इसके बाद वीडियो को गांव और समाज के कई व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल किया गया। वीडियो वायरल होते ही अफवाह फैल गई कि वीडियो में दिखाई दे रही युवती वही छात्रा है, जिससे उसकी प्रतिष्ठा और मानसिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा।
पीड़िता के पिता ने 21 जून को पंवासा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने साइबर तकनीक और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि पूरी साजिश छात्रा को बदनाम करने और उसकी सामाजिक छवि खराब करने के इरादे से रची गई थी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला बीएलओ सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एक अन्य आरोपी की तलाश लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी की छवि खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सिर्फ एक छात्रा को बदनाम करने की कोशिश नहीं, बल्कि डिजिटल अपराध के बढ़ते खतरे की भी चेतावनी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या फोटो को बिना सत्यता जांचे आगे न बढ़ाएं और ऐसी गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को दें।







